khargone-drunk-teacher खरगोन: हाथ में चॉक, जुबान पर गाली

खरगोन (Khargone News):

स्कूल को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है और शिक्षक को भगवान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे इस पवित्र रिश्ते को तार-तार करने वाली हैं। यहाँ एक सरकारी स्कूल में शिक्षक महोदय बच्चों को ‘ककहरा’ सिखाने की बजाय नशे में झूमते नजर आए।

मामला खरगोन जिले के डोंगरचिचली (Dongarchichli) स्थित सरकारी स्कूल का है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें शिक्षक केशव शारदे (Keshav Sharde) नशे में धुत होकर क्लासरूम में बड़बड़ाते और गालियां देते दिखाई दे रहे हैं।

क्लास में ‘गुरुजी’ का तांडव, डरकर भागे बच्चे

घटना 6 जनवरी की बताई जा रही है। चश्मदीदों और ग्रामीणों के मुताबिक, शिक्षक केशव शारदे सुबह स्कूल पहुंचे तो उनके पैर लड़खड़ा रहे थे और मुंह से शराब की बदबू आ रही थी। वे क्लास में तो गए, लेकिन पढ़ाना तो दूर, वे ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे।

khargone-drunk-teacher: हाथ में चॉक, जुबान पर गाली

वायरल वीडियो और जानकारी के मुताबिक, नशे में चूर शिक्षक ने क्लास में चिल्लाना-चीखना शुरू कर दिया। वे बच्चों के सामने ही अभद्र भाषा और गाली-गलौज करने लगे। छोटे-छोटे बच्चे अपने शिक्षक का यह रौद्र रूप देखकर इतना डर गए कि छुट्टी का समय (4 बजे) होने से पहले ही बस्ते उठाकर क्लास से भाग निकले।

​हद तो तब हो गई जब बच्चों को जाता देख ‘साहब’ भी लड़खड़ाते कदमों से उन्हें रोकने के लिए पीछे भागे, लेकिन नशा इतना ज्यादा था कि उनसे चला भी नहीं जा रहा था।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, बनाया पंचनामा

​ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली बार नहीं है। स्कूल में शिक्षकों के लेटलतीफ आने और नशे में पहुंचने से पढ़ाई का माहौल पूरी तरह बर्बाद हो चुका है। इस घटना के बाद ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने मौके पर ही पंचनामा बनाया और शिक्षक की इस हरकत को रिकॉर्ड पर लिया।

​आरोप है कि शिक्षक केशव शारदे अक्सर इसी हालत में स्कूल आते हैं। अब देखना यह होगा कि वीडियो सामने आने और ग्रामीणों की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग कुंभकर्णी नींद से जागता है या नहीं।

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By virendra singh Rathore

वीरेन्द्र सिंह राठौर Founder & Editor – Newsveer.in वीरेन्द्र सिंह राठौर पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय एक जुझारू और ग्राउंड-केंद्रित पत्रकार हैं। दिल्ली की राष्ट्रीय मीडिया से लेकर झाबुआ के जमीनी इलाकों तक, उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया है। गहन ग्राउंड रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों को उठाने की हिम्मत और सवाल पूछती पत्रकारिता उनकी पहचान है। राठौर डिजिटल मीडिया के नए दौर में सटीक, निर्भीक और तथ्य-आधारित पत्रकारिता के पैरोकार हैं। उन्होंने Newsveer.in की स्थापना इसी उद्देश्य से की कि आम लोगों के मुद्दे, स्थानीय आवाज़ें और सच्ची रिपोर्टिंग को एक मजबूत मंच मिले। अनुभव के साथ-साथ वे न्यूज़रूम मैनेजमेंट, इन्वेस्टिगेटिव स्टोरीज़, लोकल-टू-नेशनल कनेक्ट और डिजिटल जर्नलिज़्म की नई तकनीकों में दक्ष हैं। उनका मानना है— “पत्रकारिता केवल खबर लिखने का काम नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी है।”

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