नई दिल्ली। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर सरकार के प्रयासों पर नीति आयोग (NITI Aayog) ने अपनी मुहर लगा दी है। लोकसभा में शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने पीएम पोषण योजना को लेकर अहम आंकड़े और जानकारियां साझा की हैं। इसके तहत बाल वाटिका (कक्षा 1 से ठीक पहले) से लेकर 8वीं कक्षा तक के बच्चों को अब गरमा-गरम और पौष्टिक भोजन मिलना सुनिश्चित किया गया है।
पीएम पोषण योजना में राज्य सरकारों की क्या है भूमिका?
चूंकि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए पीएम पोषण योजना का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश (UT) प्रशासनों की जिम्मेदारी है। बच्चों की थाली तक गर्म और पौष्टिक खाना पहुंचाने की पूरी कमान राज्यों के पास है।
केंद्र ने राज्यों को साफ निर्देश दिया है कि वे अपने इलाके के हिसाब से मेन्यू तय करें। स्थानीय किसानों को फायदा पहुंचाने और बच्चों को बेहतर स्वाद देने के लिए मोटे अनाज (Millets), स्थानीय सब्जियों और मसालों की खरीद को प्राथमिकता देने पर जोर दिया जा रहा है।

पीएम पोषण योजना: क्या हैं भोजन और पोषण के नए मानक?
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत पीएम पोषण योजना के दिशा-निर्देशों में बच्चों के लिए कैलोरी और प्रोटीन की मात्रा सख्ती से तय की गई है, ताकि कोई भी बच्चा कुपोषण का शिकार न हो।
सरकार द्वारा निर्धारित मानक इस प्रकार हैं:
| खाद्य सामग्री / पोषण मानक | प्राथमिक कक्षा (कक्षा 1 से 5) | उच्च प्राथमिक कक्षा (कक्षा 6 से 8) |
| कैलोरी (प्रति बच्चा प्रतिदिन) | 450 | 700 |
| प्रोटीन (प्रति बच्चा प्रतिदिन) | 12 ग्राम | 20 ग्राम |
| खाद्यान्न (अनाज) | 100 ग्राम | 150 ग्राम |
| दालें | 20 ग्राम | 30 ग्राम |
| सब्जियां | 50 ग्राम | 75 ग्राम |
| तेल एवं वसा | 5 ग्राम | 7.5 ग्राम |
| नमक एवं मसाले | आवश्यकतानुसार | आवश्यकतानुसार |
पीएम पोषण योजना का ‘फ्लेक्सी फंड’ और स्थानीय आहार
कुपोषण से जंग जीतने के लिए केंद्र ने पीएम पोषण योजना के कुल आवर्ती बजट का 5% ‘फ्लेक्सी फंड’ (Flexi Component) के रूप में रखा है।
- इस फंड का इस्तेमाल स्कूल पोषण वाटिका (School Nutrition Gardens) बनाने में किया जा रहा है।
- चिन्हित जिलों में अतिरिक्त सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन (पूरक पोषण) देने में भी यह फंड काम आ रहा है।
- कई राज्य स्थानीय खान-पान की आदतों, सांस्कृतिक प्राथमिकताओं और आहार संबंधी परंपराओं को ध्यान में रखते हुए बच्चों को अतिरिक्त पूरक पोषण भी उपलब्ध करा रहे हैं।
NITI आयोग की रिपोर्ट में शानदार नतीजे
सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि नीति आयोग ने वर्ष 2025-26 में एक स्वतंत्र तीसरे पक्ष (Third Party Agency) के माध्यम से इस योजना का मूल्यांकन कराया है। इस स्टडी में साफ हुआ है कि पीएम पोषण योजना का बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने और उनके सीखने के परिणामों (Learning Outcomes) को बेहतर बनाने पर बेहद शानदार और सकारात्मक असर पड़ा है।
खबरों के लिए पढ़ते रहिए Newsveer देश की शिक्षा नीतियों की आधिकारिक जानकारी के लिए शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) की वेबसाइट पर विजिट करें।
