खंडवा (Khandwa):

छेड़छाड़ की एक घटना और उसके बाद बदले की आग ने खंडवा के एक हंसते-खेलते परिवार को मातम में बदल दिया। मामला जिले के जावर थाना क्षेत्र के भकराड़ा गांव का है, जहाँ एक मामूली विवाद ने इतना भयानक रूप ले लिया कि एक बुजुर्ग की जान चली गई।

​हालात ये हैं कि कल तक शांत रहने वाला भकराड़ा गांव आज पुलिस छावनी (Police Cantonment) में तब्दील हो चुका है। तनाव को देखते हुए गांव के चप्पे-चप्पे पर खाकी वर्दी तैनात है।

​Khandwa मोबाइल देने की जिद से शुरू हुआ फसाद

​कहानी की शुरुआत 7 जनवरी 2026 को हुई। पुलिस के मुताबिक, गांव की एक नाबालिग लड़की को आरोपी पक्ष परेशान कर रहा था और उस पर जबरन मोबाइल रखने का दबाव बना रहा था। जब लड़की ने विरोध किया, तो बात थाने तक पहुंची। पीड़ित पक्ष ने जावर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई और पुलिस ने पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया।

​लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज होने से आरोपी पक्ष बौखला गया।

घर में घुसकर लोहे के पाइप से बरसाए कहर

​शिकायत दर्ज होने के बाद रंजिश इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने कानून को अपने हाथ में ले लिया। आरोपी वसीम और गोलू उर्फ जिया ने फरियादी संतोष के घर पर धावा बोल दिया। उनके हाथों में लोहे के पाइप थे।

​उन्होंने न सिर्फ संतोष को पीटा, बल्कि बीच-बचाव करने आई उसकी मां प्रमिला बाई और पिता शंकरसिंह गोंड पर भी जानलेवा हमला कर दिया। चश्मदीदों के मुताबिक, आरोपियों ने जातिसूचक गालियां देते हुए बुजुर्ग शंकरसिंह के सिर पर लोहे के पाइप से इतने वार किए कि वे वहीं लहूलुहान हो गए।

इंदौर में तोड़ा दम, हत्या का केस दर्ज

घायल शंकरसिंह को गंभीर हालत में इंदौर रेफर किया गया था, जहां जिंदगी और मौत से लड़ते हुए उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर आते ही पुलिस ने मामले में हत्या (धारा 302) की धाराएं जोड़ दीं।

डीआईजी मनोज कुमार राय (DIG Manoj Kumar Rai) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने बताया कि विशेष टीम ने दबिश देकर दोनों मुख्य आरोपियों— वसीम पिता इकबाल और गोलू उर्फ जिया पिता इकबाल को गिरफ्तार कर लिया है। ये दोनों सगे भाई बताए जा रहे हैं।

गांव में तनाव, पुलिस का पहरा

Khandwa News: 'छेड़छाड़' बनी जानलेवा: भकराड़ा गांव बना पुलिस छावनी

​चूंकि मामला दो पक्षों और छेड़छाड़ से जुड़ा था, इसलिए शंकरसिंह की मौत के बाद गांव में माहौल गरमा गया है। किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए एसपी के निर्देश पर भारी पुलिस बल गांव में तैनात कर दिया गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सन्नाटा पसरा हुआ है।

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By virendra singh Rathore

वीरेन्द्र सिंह राठौर Founder & Editor – Newsveer.in वीरेन्द्र सिंह राठौर पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय एक जुझारू और ग्राउंड-केंद्रित पत्रकार हैं। दिल्ली की राष्ट्रीय मीडिया से लेकर झाबुआ के जमीनी इलाकों तक, उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया है। गहन ग्राउंड रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों को उठाने की हिम्मत और सवाल पूछती पत्रकारिता उनकी पहचान है। राठौर डिजिटल मीडिया के नए दौर में सटीक, निर्भीक और तथ्य-आधारित पत्रकारिता के पैरोकार हैं। उन्होंने Newsveer.in की स्थापना इसी उद्देश्य से की कि आम लोगों के मुद्दे, स्थानीय आवाज़ें और सच्ची रिपोर्टिंग को एक मजबूत मंच मिले। अनुभव के साथ-साथ वे न्यूज़रूम मैनेजमेंट, इन्वेस्टिगेटिव स्टोरीज़, लोकल-टू-नेशनल कनेक्ट और डिजिटल जर्नलिज़्म की नई तकनीकों में दक्ष हैं। उनका मानना है— “पत्रकारिता केवल खबर लिखने का काम नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी है।”

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