GOA Night Club गोवा के अरपोरा स्थित लोकप्रिय नाइट क्लब ‘Birch by Romeo Lane’ में बीती रात लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में क्लब स्टाफ और पर्यटकों सहित कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। यह घटना गोवा के पर्यटन इतिहास में सबसे बड़ी आग की त्रासदी मानी जा रही है।
GOA Night Club क्या हुआ उस भयावह रात?
उत्तरी गोवा के अरपोरा गांव में स्थित इस नाइट क्लब में शनिवार (6 दिसंबर) और रविवार (7 दिसंबर) की दरमियानी रात करीब 12 बजे आग लगने की सूचना मिली। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, क्लब में पार्टी के दौरान इलेक्ट्रिक पटाखे फोड़े जाने या फायर शो के कारण आग लगी, जो देखते ही देखते एक विशाल त्रासदी में बदल गई।
चश्मदीदों के मुताबिक, आग लगने के बाद अफरा-तफरी मच गई। क्लब के अंदर डांस चल रहा था, तभी अचानक छत से कांच के टुकड़े और चिंगारियां गिरने लगीं। बाहर निकलने का रास्ता (एग्जिट गेट) कथित तौर पर काफी छोटा होने के कारण कई लोग बाहर नहीं निकल पाए और उनकी मौत दम घुटने से हो गई। मरने वालों में 20 क्लब कर्मचारी और 5 पर्यटक शामिल हैं।

उजड़े कई परिवार: दिल्ली के 4 पर्यटक भी शिकार
इस अग्निकांड ने कई परिवारों पर कहर बरपाया है। मृतकों में दिल्ली के एक ही परिवार के 3 सदस्य (तीन बहनें और उनके एक जीजा) सहित कुल 4 पर्यटक शामिल हैं। वहीं, 20 स्टाफ मेंबर्स में सबसे अधिक संख्या उत्तराखंड (5) के लोगों की है, जबकि नेपाल, झारखंड, असम, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कर्मचारी भी शामिल थे।
लापरवाही की आशंका: क्या क्लब के पास था NOC?
शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ‘Birch by Romeo Lane’ क्लब अनिवार्य ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) के बिना चल रहा था। फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के डायरेक्टर ने पुष्टि की है कि क्लब के पास आग से सुरक्षा के लिए जरूरी सर्टिफिकेट नहीं था और न ही वहां पर्याप्त फायर सेफ्टी उपाय किए गए थे।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले क्लब मालिकों और उन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने नियमों की अनदेखी कर क्लब को चलने दिया।
दिल्ली के रहमे वाले लूथरा ब्रदर्स पर मामले में गैर इरातदन ह्त्या मामला चलाया गया है । लेकिन बड़ा सवाल ये है कि हादसों के बाद ही सरकार, प्रशासन क्यों जागता है । प्रशासन सरकार समय रहते अपनी जिम्मेदारी निभाती तो आज 25 जिंदगियों को यूं असमय काल के गाल में नहीं समाना पड़ता ।
सवाल सिस्टम पर यही है कि विभाग अपना काम जिम्मेदार से करता तो ये भयावह अग्निकांड नहीं होता । लापरवाही और मुनाफे के इस खेल ने 25 जिंदगियों को लील लिया । जिम्मेदार अब केवल जांच, कार्रवाई की बपात कर रहे हैं लेकिन अगर ये सब कुछ पहले होता तो तस्वीर कुछ और होती । लेकिन सिस्टम की लापरवाही की भेंट चढ़ गए लोग । क्या इतने लंबे समय कोई भी वहां जांच निरीक्षण करने नहीं पहुंचा कि आखिर नियमों को दरकिनार करके कैसे इस क्लब को चलाया जा रहा था ।
अब तक की कार्रवाई
- 25 मृतकों की पहचान पूरी कर ली गई है।
- क्लब के चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है।
- क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा के खिलाफ गैर इरादतन हत्या (गैर-इरादतन हत्या) सहित संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली गई है, और उनकी गिरफ्तारी जल्द होने की उम्मीद है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिवारों के लिए ₹2 लाख और घायलों के लिए ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
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