रायसेन (Raisen): मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-45 (NH-45) पर बीती रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने जंगल के राजा ‘बाघ’ (Tiger) को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाघ गंभीर रूप से घायल हो गया और पूरी रात सड़क किनारे दर्द से कराहता रहा।

​यह घटना सिंघोरी अभयारण्य (Singhori Sanctuary) के पीपलवाली (Pipalwali) क्षेत्र की है।

​पूरी रात सड़क किनारे पड़ा रहा घायल बाघ

​जानकारी के मुताबिक, हादसा बीती देर रात हुआ। वाहन की टक्कर लगने के बाद बाघ के शरीर में गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण वह चल-फिर नहीं सका और वहीं सड़क किनारे गिर गया। वह पूरी रात वहीं पड़ा रहा।

वहां से गुजर रहे राहगीरों और वाहन चालकों की नजर जब घायल बाघ पर पड़ी, तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी।

Raisen News: वाहन की टक्कर से बाघ की मौत

​वन अमले ने रातभर की पहरेदारी

​सूचना मिलते ही वन विभाग (Forest Department) की टीम मौके पर पहुंची। बाघ की हालत नाजुक थी और रात होने के कारण तुरंत रेस्क्यू करना संभव नहीं था। ऐसे में वन विभाग के कर्मचारियों ने पूरी रात मौके पर रहकर बाघ की रखवाली की, ताकि उसे कोई और वाहन नुकसान न पहुंचा सके या कोई अन्य अनहोनी न हो।

​स्थानीय टीम ने तुरंत इसकी जानकारी भोपाल वन विहार (Van Vihar Bhopal) की रेस्क्यू टीम को दी।

​सुबह वन विहार की टीम ने किया रेस्क्यू

​सुबह होते ही भोपाल से वन विहार की एक्सपर्ट टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने सावधानीपूर्वक घायल बाघ का रेस्क्यू किया। प्राथमिक जांच के बाद उसे इलाज के लिए ले जाया गया है। वन विभाग ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

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By virendra singh Rathore

वीरेन्द्र सिंह राठौर Founder & Editor – Newsveer.in वीरेन्द्र सिंह राठौर पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय एक जुझारू और ग्राउंड-केंद्रित पत्रकार हैं। दिल्ली की राष्ट्रीय मीडिया से लेकर झाबुआ के जमीनी इलाकों तक, उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया है। गहन ग्राउंड रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों को उठाने की हिम्मत और सवाल पूछती पत्रकारिता उनकी पहचान है। राठौर डिजिटल मीडिया के नए दौर में सटीक, निर्भीक और तथ्य-आधारित पत्रकारिता के पैरोकार हैं। उन्होंने Newsveer.in की स्थापना इसी उद्देश्य से की कि आम लोगों के मुद्दे, स्थानीय आवाज़ें और सच्ची रिपोर्टिंग को एक मजबूत मंच मिले। अनुभव के साथ-साथ वे न्यूज़रूम मैनेजमेंट, इन्वेस्टिगेटिव स्टोरीज़, लोकल-टू-नेशनल कनेक्ट और डिजिटल जर्नलिज़्म की नई तकनीकों में दक्ष हैं। उनका मानना है— “पत्रकारिता केवल खबर लिखने का काम नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी है।”

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