MP Tourism पन्ना (Panna): मध्य प्रदेश के नेशनल पार्कों में जंगल सफारी का प्लान बना रहे पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब आपको सफारी के लिए ऑनलाइन स्लॉट नहीं मिलने पर निराश होकर लौटना नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने सोमवार सुबह पन्ना नेशनल पार्क के मंडला गेट से पर्यटकों के लिए 10 नई वीविंग कैंटर बसों (Viewing Canter Buses) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह कदम मप्र पर्यटन विकास निगम द्वारा प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है।
ऑनलाइन बुकिंग का झंझट खत्म: गेट पर ही मिलेगी टिकट
पर्यटकों को सबसे बड़ी राहत बुकिंग को लेकर मिलेगी। अक्सर पीक सीजन में ऑनलाइन स्लॉट (Online Slots) फुल हो जाते थे, जिससे दूर-दूर से आने वाले पर्यटक सफारी का आनंद लेने से वंचित रह जाते थे।
- अब इन नई बसों के संचालन से पर्यटकों को ‘ऑन द स्पॉट’ यानी नेशनल पार्क के एंट्री गेट पर ही सफारी बुक करने की सुविधा मिलेगी।
- पर्यटक सीधे पार्क पहुंचकर टिकट ले सकेंगे और जंगल का लुत्फ उठा सकेंगे।
क्या है इन नई बसों की खासियत?

जंगल सफारी को और अधिक आरामदायक और रोमांचक बनाने के लिए इन बसों को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है:
- क्षमता: इन कैंटर बसों में एक साथ 19 पर्यटक बैठ सकते हैं।
- बेहतर दृश्य: ये बसें सामान्य सफारी वाहनों की तुलना में अधिक लंबी और ऊंची हैं, जिससे पर्यटकों को जंगल और वन्यजीवों का नजारा (View) ज्यादा साफ और बेहतर दिखाई देगा।
- सुरक्षा: बच्चों और सीनियर सिटीजन्स (Senior Citizens) के लिए ये बसें जिप्सी के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक मानी जा रही हैं।
कितना होगा किराया और कहां चलेंगी ये बसें?
पर्यटकों को इन लग्जरी कैंटर बसों से सफारी करने के लिए प्रति व्यक्ति/प्रति राउंड लगभग 1150 से 1450 रुपए तक का शुल्क देना होगा।
ये 10 नई बसें केवल पन्ना ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य प्रमुख टाइगर रिजर्व्स और पर्यटन स्थलों पर भी तैनात की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं:
- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व
- कान्हा किसली
- पेंच नेशनल पार्क
- परसिली (सीधी)
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पर्यटन सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक मध्य प्रदेश से एक सुखद और यादगार अनुभव लेकर लौटें।
पन्ना राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश के पन्ना और छतरपुर जिलों में विंध्य पर्वतमाला में स्थित एक प्रमुख बाघ अभयारण्य है | लगभग 1600 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला यह पार्क अपनी सफल बाघ पुनर्स्थापना (Tiger Reintroduction) योजना और सुंदर केन नदी के लिए विश्व प्रसिद्ध है ।
पन्ना टाइगर रिजर्व को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2011 में 18वें जैव मंडल आरक्षित (Biosphere Reserve) क्षेत्र के रूप में मान्यता दी गई थी। इसके बाद नवंबर 2020 में यूनेस्को (UNESCO) के ‘मानव और जीवमंडल’ (MAB) कार्यक्रम के तहत इसे विश्व नेटवर्क में शामिल किया गया।
बाघों का पुनरुद्धार: 2008-2009 में अवैध शिकार के कारण यहाँ बाघों की संख्या शून्य हो गई थी। बाद में बाघ पुनर्स्थापना कार्यक्रम के तहत यहाँ बाघ लाए गए, और अब यहाँ 50 से अधिक बाघ मौजूद हैं
जैव विविधता: यहाँ बाघों के अलावा तेंदुए, सुस्त भालू (Sloth Bear), नीलगाय, चिंकारा और 300 से अधिक प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं।
केन नदी: यह नदी पार्क की जीवनरेखा है और यहाँ के प्राकृतिक दृश्यों को अत्यंत मनमोहक बनाती है ।
पांडव जलप्रपात: उद्यान के निकट स्थित यह जलप्रपात पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय है ।
सफारी का समय: पार्क आमतौर पर सुबह 6:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक खुला रहता है।
सफारी के प्रकार: यहाँ जीप सफारी (Jeep Safari) के साथ-साथ केन नदी में नाव सफारी (Boat Safari) का भी आनंद लिया जा सकता है।
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