इंदौर का खजराना गणेश मंदिर: बावड़ी से निकाली प्रतिमा, एमपी में आस्था का प्रतीक ।
खजराना गणेश मंदिर, इंदौर
इंदौर शहर को मिनी-मुंबई ही नहीं, बल्कि आस्था और अध्यात्म का केंद्र भी माना जाता है। यहाँ स्थित खजराना गणेश मंदिर न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे देश के सबसे प्रसिद्ध गणेश मंदिरों में से एक है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है, जिसके कारण इस मंदिर को ‘चिंतामन गणेश’ के नाम से भी जाना जाता है।

खजराना गणेश मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
खजराना गणेश मंदिर के पीछे एक गौरवशाली और रोचक कहानी है, जो इसे केवल एक पूजा स्थल से कहीं अधिक बनाती है।
पीछे की कहानी
- मूल स्थान: माना जाता है कि वर्तमान प्रतिमा मूल रूप से जमीन के नीचे दबी हुई थी।
- औरंगजेब का समय: इतिहासकार बताते हैं कि जब मुगल शासक औरंगजेब मंदिरों को नष्ट कर रहा था, तब स्थानीय ब्राह्मण पुजारियों ने मूर्ति को अपवित्र होने से बचाने के लिए एक कुएं या जमीन के नीचे छुपा दिया था।
- पुनर्स्थापना: सन 1735 में, मराठा साम्राज्य की महान शासिका रानी अहिल्याबाई होल्कर को एक स्वप्न आया, जिसमें उन्हें उस स्थान के बारे में बताया गया जहाँ मूर्ति छुपाई गई थी।
- निर्माण: रानी अहिल्याबाई होल्कर ने मूर्ति को जमीन से निकलवाया और विधि-विधान से इसे स्थापित करवाकर भव्य मंदिर का निर्माण कराया। यह मंदिर उन्हीं की देन है। मंदिर परिसर में आज भी वह कुआँ मौजूद है, जहाँ मूर्ति छुपाई गई थी।
इस कारण, खजराना गणेश की प्रतिमा केवल एक पूजनीय मूर्ति नहीं, बल्कि धर्म और संस्कृति की रक्षा के एक प्रतीक के रूप में देखी जाती है।
खजराना गणेश मंदिर कैसे जाएं?
खजराना गणेश मंदिर इंदौर के पूर्वी क्षेत्र में स्थित है, और शहर से इसकी कनेक्टिविटी बहुत अच्छी है।
| परिवहन का माध्यम | विवरण |
| हवाई मार्ग (By Air) | इंदौर का देवी अहिल्या बाई होल्कर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (IDR) मंदिर से लगभग 15-20 किलोमीटर दूर है। एयरपोर्ट से टैक्सी या ऑटो रिक्शा आसानी से उपलब्ध हैं। |
| रेल मार्ग (By Rail) | इंदौर जंक्शन (IND) यहाँ का मुख्य रेलवे स्टेशन है। स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 6-7 किलोमीटर है, जिसके लिए आप ऑटो रिक्शा या कैब ले सकते हैं। |
| सड़क मार्ग (By Road) | इंदौर राष्ट्रीय राजमार्गों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। शहर के किसी भी कोने से सिटी बस, ऑटो या टैक्सी द्वारा खजराना पहुँचा जा सकता है। |
साल भर पहुंचते हैं खजराना गणेश जी के दर्शन करने लोग ।
वैसे तो यह मंदिर भक्तों के लिए पूरे वर्ष खुला रहता है, लेकिन कुछ विशेष समय यहाँ दर्शन को और भी खास बना देते हैं:
- मौसम की दृष्टि से: अक्टूबर से मार्च तक का समय सबसे अच्छा होता है, जब मौसम सुहावना रहता है।
- धार्मिक दृष्टि से:
- बुधवार: खजराना गणेश को समर्पित दिन होने के कारण हर बुधवार को भक्तों की भारी भीड़ रहती है।
- गणेश चतुर्थी/गणेशोत्सव: यह त्योहार यहाँ अत्यंत धूमधाम से मनाया जाता है।
नए साल पर रहती है भारी भीड़: दर्शन की प्लानिंग
भारत के सबसे अधिक दर्शन किए जाने वाले मंदिरों में से एक होने के नाते, 1 जनवरी (नए साल के दिन) खजराना गणेश मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है।
नए साल पर बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। आप नए साल पर दर्शन का प्लान कर रहे हैं, तो सुबह जल्दी पहुँचने की कोशिश करें और लंबी कतारों के लिए मानसिक रूप से तैयार रहें। प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं, लेकिन भीड़ बहुत ज्यादा होती है।
खजराना गणेश मंदिर इंदौर की केवल एक पहचान नहीं, बल्कि लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है। आप आनलाईन भी दर्शन के लिए बुकिंग कर सकते हैं । इस वेबसाइट लिंक पर जाएं । https://shreeganeshkhajrana.com/

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