Jhabua News: मेघनगर में गौ तस्करों के ‘कसाईखाने’ का भंडाफोड़; 2 गायों को काटा, 10 को बचाया… बड़ा सवाल- 10 साल से चल रहा था खेल, पुलिस को भनक क्यों नहीं?
मेघनगर/झाबुआ: मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के मेघनगर (Meghnagar) क्षेत्र में पुलिस और हिंदू संगठनों की संयुक्त कार्रवाई में गो-तस्करी के एक बड़े और खौफनाक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। ग्राम सजेली नान्या (Sajeli Nanya) के जंगल में चल रहे इस अवैध कसाईखाने पर जब पुलिस ने छापा मारा, तो वहां का मंजर देखकर सभी सन्न रह गए। आरोपियों ने 2 गायों को काट दिया था, जबकि 10 अन्य गोवंश को काटने की तैयारी थी, जिन्हें पुलिस ने सकुशल बचा लिया है।

जंगल में चल रही थी ‘मीट फैक्ट्री’, 3 गिरफ्तार
घटना की सूचना हिंदू संगठनों ने पुलिस को दी थी। सूचना मिलते ही एसडीओपी (SDOP) नीरज नामदेव और थाना प्रभारी के.एल. वरकड़े दल-बल के साथ जंगल में पहुंचे।
- पुलिस को देखते ही आरोपियों में भगदड़ मच गई।
- मौके से 3 आरोपियों (गमनिया गमार, दिनेश सहलोत और एक नाबालिग) को गिरफ्तार किया गया है।
- जबकि मुकेश पूजा, चैनसिंह, माला डामोर सहित 9 नामजद आरोपी फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश जारी है।
हैरान करने वाले खुलासे: 500 से ज्यादा गायों के अवशेष मिले
इस कार्रवाई के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं, वे रोंगटे खड़े करने वाले हैं।
- 500+ गोवंश के अवशेष: घटनास्थल पर 500 से ज्यादा गायों की खाल, सींग और हड्डियां बिखरी पड़ी थीं।
- 2 जेसीबी बुलानी पड़ीं: वहां इतना ज्यादा मांस और अवशेष थे कि उन्हें दफनाने के लिए प्रशासन को दो जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद लेनी पड़ी।
- अंतरराज्यीय सप्लाई: यह गिरोह पिछले 10 सालों से सक्रिय था। यहां से गोमांस न केवल जिले में, बल्कि गुजरात (Gujarat) और राजस्थान (Rajasthan) तक सप्लाई किया जाता था।
पुलिस पर सवाल: आखिर क्यों नहीं लगी भनक?
इस बड़ी कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल झाबुआ पुलिस और उसके खुफिया तंत्र (Intelligence) पर उठ रहा है।
- 10 साल से अंधेरे में पुलिस? रिपोर्ट के मुताबिक, यह अवैध कारोबार पिछले एक दशक से चल रहा था। क्या बीट प्रभारियों और मुखबिरों को इसकी जानकारी नहीं थी?
- इतने बड़े पैमाने पर कटाई कैसे छिपी रही? घटनास्थल पर 500 से अधिक गोवंश के अवशेष मिले हैं। इतनी बड़ी संख्या में गायों को लाना और मांस को बाहर सप्लाई करना बिना किसी मिलीभगत या घोर लापरवाही के कैसे संभव है?
- मीट की गंध और गिद्धों का संकेत: आमतौर पर ऐसे स्थानों पर गंदगी और पक्षियों (गिद्ध/कौवे) का जमावड़ा होता है। क्या जंगल की गश्त के दौरान कभी किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया?
हिंदू संगठनों का आरोप है कि यहां 100 से अधिक गोवंश को काटने की तैयारी थी। अगर समय रहते रेड नहीं पड़ती, तो एक बड़ा गोवंश संहार हो सकता था।
आरोपियों पर सख्त धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फरार और गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
- मध्य प्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4, 5, 9 के तहत मामला दर्ज।
- आर्म्स एक्ट (Arms Act) की धारा 25(बी) के तहत भी केस दर्ज किया गया है।
- बचाए गए 10 गोवंश को पास की गोशाला में सुरक्षित भेज दिया गया है।

नीमच में चला प्रशासन का ‘बुलडोजर’: डाक बंगले के सामने 38 करोड़ की जमीन कब्जा मुक्त, भू-माफियाओं में हड़कंप
मंदसौर में ‘करोड़ों’ का दोमुंहा सांप बरामद: आखिर क्यों होता है ये सांप इतना मंहगा
खरगोन: हाथ में चॉक, जुबान पर गाली… शराब के नशे में क्लास लेने पहुंचे ‘मासाब’, वीडियो देख शर्म से झुक जाएगा सिर
खंडवा में ‘छेड़छाड़’ बनी जानलेवा: भकराड़ा गांव बना पुलिस छावनी, लोहे के पाइप से पीटे गए पिता ने तोड़ा दम, 2 सगे भाई गिरफ्तार
धार में बवाल: अवैध शराब पकड़ने गई आबकारी टीम पर ग्रामीणों का ‘हमला’, गाड़ियों में तोड़फोड़, जान बचाकर भागे कर्मचारी
Free Health Camp Karwad: वनवासी कल्याण परिषद की पहल, आयुष्मान कार्ड धारकों को मिलेगा मुफ्त ऑपरेशन और इलाज का लाभ
इंदौर : 3.5 लाख की MD ड्रग्स के 2 तस्कर गिरफ्तार,