धार (Dhar News):
अक्सर फिल्मों में देखा जाता है कि पुलिस रेड मारने जाती है और अपराधी उन पर ही भारी पड़ जाते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा बीती रात मध्य प्रदेश के धार जिले में देखने को मिला। यहाँ अवैध शराब की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची आबकारी विभाग की टीम और उनके साथ मौजूद शराब ठेके के कर्मचारियों को ग्रामीणों के गुस्से का शिकार होना पड़ा।
हालात ये बने कि भीड़ ने टीम पर हमला बोल दिया, गाड़ियों में तोड़फोड़ की और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इस हमले में 3 से 4 लोगों के घायल होने की खबर है।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया था जाल
घटना तिरला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सूरजपुरा गाँव के पास की है। दरअसल, आबकारी विभाग को एक सटीक मुखबिर से सूचना मिली थी कि इंदौर की तरफ से एक गाड़ी आ रही है, जिसमें भारी मात्रा में अवैध शराब भरी हुई है।
सूचना मिलते ही आबकारी विभाग की टीम अलर्ट हो गई। विभाग के उड़नदस्ते और शराब दुकानों के कुछ कर्मचारियों ने मिलकर सूरजपुरा के पास घेराबंदी की। जैसे ही संदिग्ध वाहन वहां पहुंचा, टीम ने उसे रोकने की कोशिश की।
अचानक हुए हमले से मची अफरा-तफरी
टीम अभी वाहन की चेकिंग शुरू ही कर रही थी कि तभी वहां मौजूद ग्रामीणों और गाड़ी में बैठे लोगों ने उन पर धावा बोल दिया। यह हमला इतना अचानक था कि कर्मचारियों को संभलने का मौका भी नहीं मिला।
ग्रामीणों ने आबकारी विभाग के अनुबंधित वाहन (Contracted Vehicle) पर पथराव कर दिया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान टीम के सदस्यों और साथ में गए शराब दुकान के कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की गई। मारपीट में 3 से 4 लोगों को चोटें आई हैं। किसी तरह टीम ने वहां से निकलकर अपनी जान बचाई और सीधा तिरला थाने पहुंची।
क्या बोली पुलिस?
मामले की गंभीरता को देखते हुए धार के एडिशनल एसपी (ASP) विजय डाबर ने पूरी घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया, “रात में आबकारी विभाग को इंदौर रोड से अवैध शराब आने की सूचना मिली थी। जब टीम सूरजपुरा के पास कार्रवाई करने पहुंची, तो वहां मौजूद ग्रामीणों ने उन पर हमला कर दिया। शासकीय कार्य में लगे अनुबंधित वाहन में तोड़फोड़ की गई है और टीम के साथ मारपीट हुई है।”
एएसपी डाबर ने आगे बताया कि आबकारी विभाग की तरफ से अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ आवेदन दिया गया है। पुलिस ने ‘शासकीय कार्य में बाधा’, ‘मारपीट’ और ‘तोड़फोड़’ जैसी धाराओं में केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
घायलों का मेडिकल और गिरफ्तारी की तैयारी
पुलिस के मुताबिक, घायलों को अस्पताल भेजा गया है। हालांकि, किसी को भी बहुत गंभीर चोट नहीं आई है, लेकिन अंदरूनी चोटों की जांच के लिए एक्स-रे (X-ray) करवाया जा रहा है। एएसपी ने साफ किया है कि मेडिकल रिपोर्ट (MLC) आने के बाद एफआईआर में धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।
फिलहाल पुलिस उन अज्ञात हमलावरों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने सरकारी काम में बाधा डाली। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
