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Dewas SDM Suspended: सरकारी आदेश में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ लिखी अभद्र टिप्पणी, ‘कॉपी-पेस्ट’ की गलती पड़ी भारी

Dewas SDM Suspended। मध्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब देवास के एसडीएम (SDM) आनंद मालवीय का एक अजीबोगरीब सरकारी आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस आदेश में प्रशासनिक भाषा की जगह सीधे तौर पर सरकार विरोधी आंकड़ों और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों का इस्तेमाल किया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने एसडीएम आनंद मालवीय को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।

Dewas SDM क्यों हुए निलंबित क्या है पूरा मामला?

घटनाक्रम के मुताबिक, 3 जनवरी 2026 को देवास एसडीएम कार्यालय से कानून व्यवस्था और ड्यूटी लगाने को लेकर एक आदेश (क्रमांक 44/रीडर-1/2026) जारी किया गया था। यह आदेश कांग्रेस के एक प्रदर्शन के संबंध में था। लेकिन, आदेश की ‘विषय वस्तु’ (Subject) में जो लिखा गया, उसने सबको चौंका दिया।

​एसडीएम द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश में लिखा था:

“इंदौर में भाजपा शासित नगर निगम द्वारा सप्लाई किए गए मल-मूत्र युक्त गंदा पानी पीने से 14 लोगों की मौत हो गई और 2800 व्यक्ति उपचारत हैं। इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा पत्रकार के प्रश्न के जवाब में अशोभनीय टिप्पणी ‘घंटा’ का उपयोग करना अमानवीय और निरंकुशता की निशानी है।”

आदेश में आगे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर भाजपा नेताओं के घर के बाहर ‘घंटा’ बजाकर प्रदर्शन करने की बात भी लिखी गई थी।

कमिश्नर ने माना गंभीर कदाचरण

सरकारी आदेश में सरकार के खिलाफ ही आरोप और मंत्रियों के लिए ‘अमानवीय’ शब्द का इस्तेमाल देख प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। देवास कलेक्टर ने रविवार (4 जनवरी 2026) को ही मामले की रिपोर्ट संभाग आयुक्त को भेजी।

उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह ने इसे म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन मानते हुए निलंबन आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया कि एसडीएम ने बिना परीक्षण किए गलत आंकड़ों और आपत्तिजनक भाषा का उपयोग किया है, जो घोर लापरवाही है।

क्लर्क की गलती, अधिकारी को सजा?

प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि यह ‘कॉपी-पेस्ट’ की एक बड़ी गलती है। माना जा रहा है कि बाबू (क्लर्क) ने कांग्रेस द्वारा दिए गए ज्ञापन या प्रेस नोट की लाइनों को ही हूबहू सरकारी आदेश के ‘विषय’ में पेस्ट कर दिया। एसडीएम ने बिना पढ़े उस पर हस्ताक्षर कर दिए, जिसका खामियाजा अब उन्हें निलंबन के रूप में भुगतना पड़ा है।

​निलंबन अवधि में आनंद मालवीय का मुख्यालय उज्जैन संभाग आयुक्त कार्यालय रहेगा।

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