सीहोर/भैरुंदा। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भैरुंदा में रविवार को ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ (PMGSY) के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘पीएमजीएसवाई-4’ और ‘पीएम जन-मन’ (प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाभियान) के कार्यों का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के जरिए मध्य प्रदेश को 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगातें मिलीं।

“ग्रामीण भारत की जीवन रेखा बनी सड़कें” मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यदि विकास की प्रबल इच्छा-शक्ति हो, तो एक योजना पूरे देश की तस्वीर बदल सकती है। पीएमजीएसवाई ने गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश ग्रामीण कनेक्टिविटी में देश में प्रथम स्थान पर है। पक्की सड़कों से किसानों की मंडियों तक पहुंच आसान हुई है, शिक्षा नियमित हुई है और स्वास्थ्य सुविधाओं में तेजी से सुधार हुआ है।
मध्य प्रदेश को मिले प्रमुख फंड और आवंटन: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के स्वीकृति आदेश सौंपे:
- PMGSY फंड: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मध्य प्रदेश को 830 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है (राष्ट्रीय स्तर पर 18,907 करोड़ जारी)।
- पीएम आवास (ग्रामीण): प्रदेश को 2,055 करोड़ रुपये का मदर सैंक्शन जारी किया गया।
- MSP पर खरीद: केंद्र द्वारा राज्य में मूंग और सरसों की फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने की मंजूरी दी गई।
- PMGSY-4: मध्य प्रदेश में 1,763 करोड़ रुपये की लागत से 2,117 किमी लंबी 973 नई सड़कों का निर्माण होगा, जिससे 987 ग्रामीण बसाहटें जुड़ेंगी।
- पीएम जन-मन: जनजातीय क्षेत्रों में 261 करोड़ रुपये से 384 किमी सड़कें बनेंगी, जिससे 168 जनजातीय बहुल बसाहटों को सीधा फायदा होगा।
अवॉर्ड्स में मध्य प्रदेश का दबदबा कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों को सम्मानित किया गया। मध्य प्रदेश ने तीन अहम श्रेणियों में बाजी मारी:
- सर्वाधिक लंबाई: 90,150 किमी सड़क निर्माण के साथ मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा।
- बेहतर रखरखाव: गारंटी पीरियड खत्म होने के बाद भी सड़कों के बेहतरीन मेंटेनेंस में राज्य को प्रथम स्थान मिला।
- बसाहटों को जोड़ना: 17,793 बसाहटों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने में प्रदेश को बिहार के बाद दूसरा स्थान प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी और कमलेश पासवान समेत अन्य अतिथि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि पीएमजीएसवाई-4 ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।