इंदौर में नशे के खिलाफ पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ जारी है। गुरुवार शाम शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक राजकुमार ब्रिज के नीचे नारकोटिक्स विंग ने फिल्मी अंदाज में दबिश देकर दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों तस्कर आगर-मालवा जिले के सुसनेर से इंदौर में ‘मौत का सामान’ (एमडी ड्रग्स) खपाने आए थे। पुलिस ने इनके पास से साढ़े तीन लाख रुपए की ड्रग्स और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
शाम ढलते ही इंदौर के राजकुमार ब्रिज के नीचे स्थित सब्जी मंडी की हलचल के बीच नशे का काला कारोबार होने वाला था, लेकिन पुलिस को इसकी भनक पहले ही लग गई थी। नारकोटिक्स विंग इंदौर की एसआई (SI) आरती कटियार को मुखबिर से पक्की सूचना मिली थी कि सुसनेर से दो युवक भारी मात्रा में ड्रग्स लेकर इंदौर पहुंचे हैं।
4 घंटे चला ऑपरेशन, रंगे हाथों दबोचे गए तस्कर
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने 8 जनवरी की शाम 05:20 बजे इलाके की घेराबंदी शुरू की। वर्दी और सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मियों ने संदिग्धों पर नजर रखनी शुरू की। करीब 4 घंटे तक चले इस ऑपरेशन के बाद रात 09:00 बजे पुलिस ने दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
कौन हैं पकड़े गए आरोपी?
पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों आरोपी आगर-मालवा जिले के रहने वाले हैं:
- शाकिर उर्फ बल्लू (26), निवासी वार्ड नंबर 01, सुसनेर।
- अल्फेज खान (25), निवासी वार्ड नंबर 03, हवेली गली, सुसनेर।
जेब में था 3.5 लाख का नशा और 3 मोबाइल
तलाशी के दौरान पुलिस भी हैरान रह गई। आरोपियों के पास से 35.80 ग्राम एम.डी. (M.D.) ड्रग्स मिली, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 3,50,000 रुपये बताई जा रही है। ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को डिकोड करने के लिए पुलिस ने इनके पास से तीन मोबाइल भी जब्त किए हैं, जिनमें कई राज छिपे हो सकते हैं:
- एक रेडमी (Redmi) कंपनी का नीले रंग का मोबाइल (कीमत ₹10,000)
- एक ओप्पो (Oppo) कंपनी का काले रंग का मोबाइल (कीमत ₹10,000)
- एक सैमसंग (Samsung) का कीपैड मोबाइल (कीमत ₹1,000)
रात 12 बजे दर्ज हुई FIR
कार्रवाई पूरी होने के बाद रात 11:54 बजे थाना नारकोटिक्स सेल इंदौर में अपराध क्रमांक 05/26 दर्ज किया गया। आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की धारा 8/22 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के.पी. वेंकटेश्वर राव और डीआईजी महेश चंद जैन के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। निरीक्षक हरीश सोलंकी की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि आगर-मालवा के ये युवक इंदौर में किसे ड्रग्स सप्लाई करने आए थे और इनका मुख्य सप्लायर कौन है।
